आम जनमानस में रावण को भले ही बुराइयों का प्रतीक मानकर दशहरे पर इसके पुतले का दहन किया जाता है। जनश्रुतियों के अनुसार, मध्य प्रदेश के मंदसौर का नाम पहले दशपुर था और इसे रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका भी माना जाता है। मध्यप्रदेश के कुछ क्षेत्रों में इस पौराणिक पात्र को अलग-अलग रूपों में पूजने की परंपरा है और यह रिवायत नए इलाकों में फैलती दिखाई दे रही है। कई संगठन रावण के पुतले को जलाने का विरोध करते हैं और रावण की पूजा भी करते हैं।
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